युद्ध नशों विरुद्ध 2.0': पंजाब पुलिस द्वारा राज्य स्तरीय कासो सर्च ऑपरेशन के दौरान 217 नशा तस्कर गिरफ्तार; 7.7 किलोग्राम हेरोइन, 500 किलोग्राम गांजा बरामद
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चंडीगढ़, 29 मार्च:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब में नशों के खात्मे के लिए जारी मुहिम के 29वें दिन, पंजाब पुलिस ने आज राज्यभर में उन ड्रग हॉटस्पॉट्स पर एक व्यापक घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चलाया, जहां नशे और लत लगाने वाली दवाओं की बिक्री होती है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव के निर्देशों पर राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में यह विशेष अभियान एक साथ चलाया गया। उल्लेखनीय है कि पंजाब पुलिस मुख्यालय, चंडीगढ़ के विशेष डीजीपी/एडीजीपी/आईजीपी/डीआईजी रैंक के अधिकारियों को प्रत्येक पुलिस जिले में इस कार्रवाई की व्यक्तिगत रूप से निगरानी के लिए तैनात किया गया था।
दिनभर चले इस अभियान के दौरान, पुलिस टीमों ने राज्यभर में 428 ड्रग हॉटस्पॉट्स पर छापेमारी की, जिसके तहत 217 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर 157 एफआईआर दर्ज की गईं। पुलिस टीमों ने गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों के कब्जे से 7.7 किलो हेरोइन, 500 किलो गांजा, 10,992 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 2.17 लाख रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस आयुक्तों, डिप्टी कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को पंजाब को नशामुक्त राज्य बनाने के निर्देश दिए हैं। पंजाब सरकार ने नशों के खिलाफ इस लड़ाई की निगरानी के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कैबिनेट उपसमिति का भी गठन किया है।
विशेष डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला, जो नशे के हॉटस्पॉट्स पर कार्रवाई करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहाली दीपक पारिक के साथ व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे, ने कहा कि 1 मार्च 2025 को शुरू की गई 'युद्ध नशों विरुद्ध' मुहिम के परिणामस्वरूप राज्यभर में 4484 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर 2669 एफआईआर दर्ज की गई हैं और तस्करों के कब्जे से 169.5 किलोग्राम हेरोइन, 88 किलोग्राम अफीम, 20.5 क्विंटल भुक्की, 8.64 लाख नशीली गोलियां/कैप्सूल, 1 किलो आईसीई और 5.83 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है।
उन्होंने कहा कि डीजीपी पंजाब पहले ही सभी पुलिस आयुक्तों/एसएसपी को अपने-अपने जिलों में प्रमुख नशा आपूर्तिकर्ताओं/तस्करों की पहचान करने और उनकी सूची तैयार करने के निर्देश दे चुके हैं। विशेष डीजीपी ने दोहराया कि यह एक सतत युद्ध है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की नरमी या समझौता नहीं किया जाएगा। जब तक पंजाब पूरी तरह नशामुक्त नहीं हो जाता, तब तक हम इस खतरे की जड़ें उखाड़ने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
फील्ड में तैनात अन्य अधिकारियों में विशेष डीजीपी (रेलवे) शशि प्रभा द्विवेदी, विशेष डीजीपी (पीएसपीसीएल) डॉ. जितेंद्र जैन, एडीजीपी अनीता पुंज, एडीजीपी (तकनीकी सहायता सेवाएं) राम सिंह, एडीजीपी (प्रोविजनिंग) जी. नागेश्वर राव, एडीजीपी (आंतरिक सुरक्षा) शिव कुमार वर्मा और एडीजीपी (स्टेट आर्म्ड फोर्सेज) एम.एफ. फारूकी शामिल हैं।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पंजाब में नशों के खात्मे के लिए तीन-स्तरीय रणनीति: प्रवर्तन, पुनर्वास और रोकथाम (ईडीपी) लागू की है।